Friday, January 25, 2013

गणतंत्र की आस्था

गणतंत्र की आस्था 

स्वाभिमान की स्वतंत्रता को नमन करती हूँ ,
इस स्वतंत्र भारत के गणतंत्र को नमन करती हूँ,
मिली एक संस्कृति हमें, मिला एक संविधान हमें ,
आस्था विश्वास की परिणिति है कि इस पर विश्वास है हमें ,
भारत हम से और हम इस हिंदुस्तान से,
सुबह के सूरज से लेकर शाम के चाँद की बात हो जैसे,
प्रकाश एक सा, दंभ एक सा ,मन एक सा ,स्नेह एक सा ,
अलग है जाति और अलग धर्म है फिर भी हम सब का देश एक सा ,
शुक्रिया
सस्नेह
निशु गुप्ता

No comments:

Post a Comment