Wednesday, April 16, 2025

Sawan ke andhe

रेल यात्राओं का मज़ा बचपन से ही मेरे लिए ख़ास रहा है। अब यहां यह ज़ाहिर करना जरूरी जान पड़ता है कि रेल यात्राएं ग़ज़ब की रहेंगी ऐसा ज़रूरी नहीं है या आपका अनुभव हमेशा ही दिन में सपने सुहाने जैसा रहेगा, ऐसा मैं बिल्कुल नहीं कह रही हूं।

मुद्दे की बात यह है कि जब भी मैंने दिन में रेल यात्राएं की, देश हरा - भरा ही दिखाई दिया। कहीं लगा ही नहीं कि पर्यावरण या जलवायु परिवर्तन संबंधी समस्याओं का हम से कोई लेना - देना होगा।

अब इस बात को मैं क्या नाम दूं?
सावन के अंधे को सब हरा ही हरा दिखाई देता है क्या 😜

सस्नेह
निशु

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