Sunday, October 28, 2012

मौसम

मौसम

मौसम आते भी हैं जाते भी हैं ,
कुछ खट्टी - मीठी यादें छोड़ जाते भी हैं
उन पलों पर नाज़ करो ऐ दोस्तों ,
मौसमों की बेरुखी को नासाज़ न करो  ऐ दोस्तों ,
क्या रखा है मौसमों की विरासत  लड़ने में , इस कंपकंपी के मौसम में चाय और पकौड़ो का मज़ा लो ऐ दोस्तों !!!!!!!!!!


शुक्रिया,
सस्नेह,
निशु गुप्ता 

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